किसानो से अब सरकार गेहूं के साथ ही चना, मसूर और सरसों भी खरीदेगी
भोपाल
एक तरफ कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में किसानों का घमासान तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में किसानों के लिए अच्छी खबर है. अब यहां सरकार गेहूं के साथ ही चना, मसूर और सरसों भी खरीदेगी. इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है.
कमल पटेल ने कहा कि इस साल गेहूं के साथ ही चना, मसूर और सरसों भी खरीदी जाएगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए 1 फरवरी से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा. उसके बाद खरीददारी 15 मार्च से की जाएगी. पटेल ने कहा अब किसानों को दलहन की फसल मंडी में बेचने के लिये गेहूं की खरीद बंद होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अभी तक गेहूं की खरीद पूरी होने के बाद ही चना,मसूर और सरसों की खरीददारी शुरू की जाती थी. इसलिए किसानों को इंतज़ार करना पड़ता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. पुरानी व्यवस्था को बदल दिया गया है. इससे किसानों को फायदा और सुविधा होगी. उन्हें दलहन फसलों का वाजिब दाम सही समय पर मिल जाएगा.
मध्य प्रदेश में नये कृषि कानून के तहत कई कार्रवाई को अंजाम दिया गया. कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि एमएसपी को लेकर किसी तरीके का भ्रम नहीं है. समर्थन मूल्य पर प्रदेश सरकार किसान के अनाज की खरीददारी करेगी. इसके अलावा मंडियों का किसी भी तरह से निजीकरण नहीं होगा. मंडियों में किसानों से अनाज खरीदा जाएगा. समर्थन मूल्य पर ही सरकार अनाज खरीदेगी.
मध्यप्रदेश में किसानों के उपयोग में आने वाले डीजल पर वैट कम करने के सवाल पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा इस पर सरकार विचार कर रही है. किसानों को सस्ता डीजल मिले. इस पर विचार हो रहा है. जैसे-जैसे प्रदेश के खजाने में राहत मिलेगी सरकार किसानों को भी राहत देगी.

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